Friday, February 5, 2010
मुंबई
मुंबई अब शांत है, नही विचार से नही बल्कि गोली aur ग्रिनेड की गूँज से लेकिन यह सब हुआ कैसे ?इन में सब से विचित्र यह है की मात्र १० लोगो ने पूरे ३ दिन तक न सिर्फ़ मुंबई को बल्कि पूरे हिंदुस्तान को अपने खौफ से दहला दिया मुंबई वह शहर जहाँ khawab बिकते हैं लोगो रोज़ एक नए ख्वाब की साथ मुंबई आते है .मुंबई माया नगरी है यहाँ सिर्फ़ पैसा बोलता है लोगो को अचानक इस आफत का एह्सास नही था aur लोग सकते में आ गए मुंबई से दहशतगर्दी के खात्मे केबाद अब बारी थी लोगो को सरकार से सवाल करने की , सरकार जिसको जनता अपने वोट से अपने जीवन की सभी सुरक्षा सौंप देती है आखिर सरकार कहाँ नाकामयाब हो गई लोगो के ख्वाइश से कैसे अपने को दूर कर लिया सरकार वोह तंत्र है जो आम लोगो के जीवन के सुरक्षा की गारंटी लेती है लकिन उसने न उम्मीद किया लेकिन इन सारी घटना में जो तारीफ के लायक काम जिसने किया वह थी मीडिया इस विषय में बाकीअगले अंक में ...................
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1 comment:
Kya baat...
Kya baat...
Kya baat...
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